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बेटी के इंसाफ लिए धरना: प्रेमी के साथ हॉस्टल से निकली लड़की की अर्धनग्न लाश मिली प्रेमी के घर पर! शरीर पर चोट के निशान.. ढाई महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली

रायगढ़, 16 मार्च। करीब 2 महीने पहले आदिवासी छात्रावास से रहस्यमय तरीके से गायब हुई छात्रा की मौत के मामले में उसके परिजनों ने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने गांधी प्रतिमा के नीचे धरना प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि पुलिसआरोपियों के साथ मिलकर मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं और इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।

पहले भी दिया था जिला एसपी को क्यापन

मृतक छात्रा के परिजन घटना के 10 दिन बाद भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे थे जहां उन्होंने मामले के निष्पक्ष जांच के लिए जिला पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया था।

जनवरी महीने में ज्ञापन देने पहुंचे परिजन

क्या है मामला

परिजनों की आशंका है कि उनकी बेटी ने जहर नहीं खाया है बल्कि बड़ी क्रूरता से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई है। पीड़िता की लाश अर्धनग्न अवस्था में खरसिया के जोबी चौकी क्षेत्र के ग्राम काफरमार में मिला था. उसके शरीर पर चोट के निशान थे.
घटना के विषय पर पीडि़त परिजनों ने बताया कि आठ जनवरी को इस संबंध में गांव के कोटवार के द्वारा छाल थाना क्षेत्र के चितापाली में छात्रा के परिजनों को फोन के माध्यम से सूचना दिया गया था, कि तुम्हारी बेटी ने जहर खा कर जान दी है। आप लोग काफरमार गांव आ जाओ।

उन्हें घटना के विषय मे पता करने पर मालुम चला था कि सात जनवरी को दोपहर २:३० बजे उनकी बेटी एक लड़के संजय राठिया के साथ बालिका-छात्रावास हाटी से निकली थी। जिसका अर्धनग्न शव संदिग्ध परिस्थितियों में खरसिया के जोबी चौकी क्षेत्र के ग्राम काफरमार में युवक के घर पर मिला था।

लापता की नहीं दी खबर

मौत की खबर मिलने पर परिजन सबसे पहले हाटी बालिका छात्रावास गए. जहां उन्होंने कहा कि अपनी बेटी से मिलना है.. इस पर छात्रावास अधीक्षिका ने बताया गया कि आपकी बेटी दो दिन से लापता है। छात्रा के परिजनों ने पूछा कि “अगर वो दो दिन से गायब है, तो एक बार हमे फोन के माध्यम से क्यू नही जानकारी दी। जिसके बाद परिजनों द्वारा तत्काल छाल थाना जाकर घटना क्रम के विषय में बताया गया।”

अर्धनग्न और शरीर पर चोट के निशान

इसी बीच दुबारा फोन आने पर परिजन जोबी चौकी पहुंचे। सूचना देकर काफरमार गांव जाकर देखा तो उनकी बेटी उसी युवक संजय राठिया के घर में खटिया में अर्धनग्न मृत अवस्था में पड़ी थी। पास जाकर देखे तो उनके बेटी के शरीर में चोट के कई निशान, पैर में घसीटने के निशान के अलावा गले में रस्सी के कसने के निशान और मुंह से लार निकला था।

पुलिस कार्यवाही से असंतुष्ट

परिजनों द्वारा हत्या का शक होने पर जोबी प्रभारी से आपत्ति जताते हुए कहा गया कि “हमे तो कोटवार ने बोला था कि वो जहर खाई है.. पर यहां तो मामला ही कुछ अलग दिख रहा है? इसके बावजूद खरसिया तहसीलदार के उपस्थिति में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया गया।

गांधी प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन करते परिजन

परिजनों ने बताया कि नाबालिग बेटी का शव जिस संदिग्ध संजय राठिया के घर में मिला था, उसे पुलिस के द्वारा बोला गया कि लडक़े को हम अपने कब्जे में थाना में रखे है। पर जब थाना जाकर परिजनों ने देखा तो लडक़ा थाना में नही था. वह गांव में खुला घूम रहा था। फिर एफ आई आर के लिए परिजनों के बोलने पर, थाना प्रभारी के द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्यवाही की बात कही थी।

ढाई महीने बाद भी नहीं हुई कोई ठोस कार्यवाही

ढाई माह बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो तो परिजन शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे औरआरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए गांधी प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ गए। नगर कोतवाल की समझाईश और उच्चाधिकारी द्वारा मामले में निष्पक्ष जांच का वादा करने के बाद ही सारथी परिवार शांत हुआ।

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