रायगढ़। जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र से एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पड़ोस में चल रहे एक शादी समारोह की भीड़ का फायदा उठाकर एक 19 वर्षीय युवक ने एक नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी की कोशिश की। आरोपी मासूम को जबरन खींचकर अपने कमरे में ले गया था। गनीमत रही कि सही समय पर परिजनों ने दरवाजा खटखटा दिया, जिससे बच्ची की आबरू बच गई। पूंजीपथरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
खबर के मुख्य बिंदु:
- पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में शादी समारोह के दौरान नाबालिग से छेड़खानी की वारदात
- 19 वर्षीय पड़ोसी युवक आकाश मांझी ने मासूम को जबरन अपने कमरे में खींचा
- गलत नीयत से उतारे कपड़े, तभी परिजनों के दरवाजा पीटने पर बची बच्ची की जान
- पूंजीपथरा पुलिस ने BNS की धारा 74, 351(3) और 8 पॉक्सो एक्ट के तहत की FIR
- थाना प्रभारी रामकिंकर यादव की टीम ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को भेजा न्यायिक रिमांड पर
मंडप की भीड़ के बीच गायब हुई बच्ची
जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 8 मार्च 2026 की रात करीब 9:30 बजे की है। पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि उनके घर से लगे परिवार में चचेरे देवर की शादी थी। घर में मंडप लगा हुआ था और मेहमानों की भीड़ थी। रात के वक्त जब सभी लोग खाना-पीना खा रहे थे, तभी उनकी नाबालिग बेटी घर के बाहर बैठी थी। कुछ देर बाद जब परिजनों की नजर पड़ी, तो बच्ची वहां से गायब थी।
दरवाजा खटखटाया तो खुले बदन निकला पड़ोसी
बच्ची के न मिलने पर परिजनों ने आसपास खोजबीन शुरू की। शंका होने पर उन्होंने पड़ोस में रहने वाले 19 वर्षीय आकाश मांझी के घर का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलने पर आकाश मांझी बिना कपड़ों के (खुले बदन) बाहर निकला और घबराते हुए कहा कि लड़की वहां नहीं है।
आरोपी की हालत देखकर परिजनों का संदेह गहरा गया और वे जबरन उसके घर के अंदर घुस गए। अंदर जाकर देखा तो कमरे से उनकी नाबालिग बेटी रोते हुए बाहर आई। बच्ची ने परिजनों को बताया कि आकाश उसका हाथ पकड़कर जबरन खींचते हुए कमरे के अंदर ले गया था और गलत काम करने की नीयत से उसने अपने कपड़े उतार दिए थे। इसी बीच घरवालों की आवाज सुनकर उसने बच्ची को छोड़ दिया।
मेडिकल के बाद पॉक्सो में FIR, आरोपी गया जेल
इस खौफनाक घटना के बाद परिजनों ने 9 मार्च को थाना पूंजीपथरा पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी रामकिंकर यादव ने तुरंत अपराध क्रमांक 36/2026 (धारा 74, 351(3) BNS और 8 पॉक्सो एक्ट) के तहत FIR दर्ज कर ली।
महिला उपनिरीक्षक दीपिका निर्मलकर द्वारा बच्ची का बयान दर्ज कर उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके तुरंत बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी आकाश मांझी (19 वर्ष) को हिरासत में ले लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे सीधे न्यायिक रिमांड (जेल) भेज दिया गया है।



