रायगढ़। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक के दौरान विभागीय योजनाओं, लंबित मामलों और शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आम नागरिकों से जुड़े प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ समय पर निराकरण करने और मैदानी स्तर पर चल रही योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गिरदावरी और डीसीएस सर्वे में तेजी लाने के निर्देश
खसरा सत्यापन और गिरदावरी कार्य की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी अनुविभागों के एसडीएम को शत-प्रतिशत गिरदावरी कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एसडीएम स्वयं फील्ड में जाकर कार्य की प्रगति का जायजा लें और नियमित मॉनिटरिंग करें। इसके साथ ही डीसीएस सर्वे का कार्य भी निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा मैदानी अमले के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य में तेजी लाने को कहा गया।
पटाखा दुकानों की सुरक्षा जांच और बिना लाइसेंस बिक्री पर रोक
आगामी दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने पटाखा दुकानों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस संचालित होने वाली पटाखा दुकानों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। सघन बाजार एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पुख्ता रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लाइसेंस जारी करने से पहले पटाखा विक्रय केंद्रों और भंडारण स्थलों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए।
सीएम घोषणा, कृषि और भू-अर्जन मामलों की समीक्षा
कृषि विभाग की समीक्षा में बकेट क्लेम रिपोर्ट की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और उप संचालक कृषि (डीडीए) को तय समय-सीमा में लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री घोषणा के तहत स्वीकृत ऐसे कार्यों की समीक्षा करने को कहा गया जहां राशि मिलने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है। जनपद सीईओ और सीएमओ को ऐसे मामलों में नियमानुसार निरस्तीकरण या आगे की कार्रवाई का प्रस्ताव बनाने को कहा गया।
बैठक में केलो परियोजना के तहत भू-अर्जन और मुआवजा प्रकरणों में तेजी लाने तथा न्यायालयीन लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों को बिना विलंब निपटाने और सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर रवि राही और डॉ. प्रियंका वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।









