छोड़कर सामग्री पर जाएँ

2 करोड़ का ‘स्टूडियो’ या सत्ता का पिंजरा? रायगढ़ में ‘रील’ वालों पर मेहरबानी और पत्रकारों की अनदेखी के पीछे का असल खेल!

रायगढ़। सियासत में जब अचानक कोई बड़ी सौगात मिलने लगे, तो समझ लीजिए कि पर्दे के पीछे कोई गहरी बिसात बिछाई जा रही है। रायगढ़ में आजकल ठीक यही खेल चल रहा है। हाल ही में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शहर के युवा कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए 2 करोड़ रुपये की लागत से एक हाई-टेक ‘स्टूडियो’ बनाने का ऐलान कर दिया।

सुनने में यह किसी बड़े तोहफे जैसा लगता है… कि चलिए, युवाओं को एक मंच मिल रहा है। लेकिन जरा ठहरिए! रायगढ़ की जमीन पर इस ‘मास्टरस्ट्रोक’ ने एक अलग ही बवाल खड़ा कर दिया है। सरकार की इस अचानक जागी ‘दरियादिली’ ने जहां पत्रकारों के पुराने जख्मों को हरा कर दिया है, वहीं खुद असली कंटेंट क्रिएटर्स भी इसे शक की नजर से देख रहे हैं।

10 साल जूतियां चटकाने के बाद 50 लाख का अधूरा भवन, और रील वालों को 2 करोड़!

रायगढ़ में सरकार के इस दोहरे रवैये को लेकर व्हाट्सएप ग्रुप्स से लेकर नुक्कड़ की चाय दुकानों तक तीखी बहस छिड़ी हुई है। जरा इस विडंबना को समझिए, जो पत्रकार पिछले कई दशकों से धूप, धूल और पसीने में सत्ता से सवाल कर रहे हैं, जनता की आवाज उठा रहे हैं, उन्हें अपने एक बैठने की जगह, एक मंच जहां से जनता से लेकर नेता अधिकारी तक अपनी बात कह सकें! उस प्रेस क्लब भवन के लिए 10 साल तक संघर्ष करना पड़ा। लंबी लड़ाई और मान-मनौव्वल के बाद कांग्रेस शासन में 25 लाख और फिर भाजपा सरकार में 25 लाख (कुल 50 लाख) पास हुए। हद तो ये है कि उसका नाम भी ‘प्रेस क्लब सामुदायिक भवन’ रख दिया गया और वह भी आज तक बस बन ही रहा है।

दूसरी तरफ, कैमरा उठाकर रील बनाने वालों के लिए रातों-रात 2 करोड़ का फंड पास हो जाता है। पत्रकारों का गुस्सा बिल्कुल जायज है कि आखिर सरकार असली सरोकार की पत्रकारिता को हाशिए पर क्यों धकेल रही है?

पत्रकारो के व्हाट्सएप ग्रुपों में इस बात को लेकर आक्रोश भड़का हुआ है।

​सरकारी खर्चे पर फाइव स्टार पार्टियां और बस्तर टूर… क्या है मंशा?

मामला सिर्फ एक स्टूडियो तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ वक्त से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर सत्ता खूब मेहरबान है। कभी उन्हें बस्तर के टूर कराए जा रहे हैं, तो कभी महंगे और आलीशान होटलों में मंत्रियों के साथ उनकी ‘पार्टियां’ हो रही हैं। सरकार बैकडोर से इन सब चीजों को मैनेज कर रही है।

मीडिया गलियारों में यह चर्चा आम है कि सरकार का यह सारा तामझाम सिर्फ और सिर्फ आने वाले चुनावों की तैयारी है। 2 करोड़ का यह स्टूडियो असल में जनता के पैसों से तैयार किया जा रहा एक ‘चुनावी वॉर रूम’ है। सरकार एक ऐसी डिजिटल फौज खड़ी करना चाहती है, जो चुनावों में सिर्फ उनका गुणगान करे और उनके पक्ष में माहौल बनाए।

‘तोहफे’ के नाम पर क्रिएटर्स को खरीदने की तैयारी?

अगर आपको लग रहा है कि सोशल मीडिया वाले इस ऐलान से बहुत खुश हैं, तो आप गलत हैं। जो क्रिएटर अपनी असली मेहनत, मौलिक कंटेंट और बेबाकी से लाखों फॉलोअर्स तक पहुंचे हैं, वे सरकार की इस नीयत को बखूबी पकड़ रहे हैं। क्रिएटर्स के बीच भी इसे लेकर स्पष्ट विरोध के स्वर उठ रहे हैं।

उनका सीधा सा सवाल है; अगर हम सरकार के बनाए करोड़ों के स्टूडियो में बैठेंगे, उनकी कुर्सी, उनकी लाइट और उनके संसाधनों का इस्तेमाल करेंगे, तो क्या कल को सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ मुंह खोल पाएंगे? जवाब है- बिल्कुल नहीं। सत्ता चाहती है कि इन युवाओं की क्रिएटिविटी को खरीदकर उन्हें अपना ‘भोंपू’ बना लिया जाए। ताकि जब कोई स्थानीय मुद्दा उठे या कोई गलत काम हो, तो ये इन्फ्लुएंसर्स चुप रहें। आप वही दिखाएंगे, जो सरकार आपसे दिखाना चाहती है।

यह 2 करोड़ का स्टूडियो युवाओं के लिए कोई मंच नहीं, बल्कि एक ‘सोने का पिंजरा’ है। सरकार को शायद यह मुगालता है कि वह कुछ पैसे फेंककर रायगढ़ की ग्राउंड रिपोर्टिंग और डिजिटल आवाज़ दोनों को खरीद लेगी। लेकिन चाहे 10 साल से उपेक्षित पत्रकार हों या अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा सच्चा क्रिएटर, सब समझ रहे हैं कि

“सत्ता अगर आपको अपना ‘मंच’ दे रही है, तो समझ लीजिए उसने आपकी ‘ज़ुबान’ का सौदा कर लिया है।”

-आशीष शर्मा, प्रधान संपादक RIG24

ख़बर शेयर करें:

Related News

रायगढ़ में 32 लाख रुपये की ट्रांसपोर्ट धोखाधड़ी का फरार आरोपी प्रकाश मिश्रा गिरफ्तार, न्यायालय में किया था सरेंडर

ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत पुलिस दबाव के बाद आरोपी ने किया आत्मसमर्पण, फर्जी बिल-वाउचर और दोपहिया वाहनों के नंबर दर्ज कर की गई थी गबन की वारदात
सितम्बर 26, 2026

राशन दुकान मे जबरन अनाज के बदले पैसे देने का आरोप: मोहल्ले वालों ने कलेक्टर से की शिकायत

वार्ड क्रमांक 4 के राशन दुकान संचालक की मनमानी के खिलाफ कलेक्ट्रेट पहुंचे हितग्राही, अनाज देने और संचालक पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
सितम्बर 26, 2026

छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के चलते कल सभी स्कूलों में छुट्टी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए निर्देश

खराब मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने परिजनों से बच्चों को घर पर रखने और नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की
सितम्बर 25, 2026

पुलिस की जुए के फड़ पर रेड: 20 कुबेर पुत्र गिरफ्तार, 7 लाख से ज्यादा का माल जब्त

चंद्रशेखर शर्मा, राजेश अग्रवाल, मनीष राठौर, रितेश अग्रवाल (हटरी चौक), अंकित अग्रवाल उर्फ कालू, सौरभ अग्रवाल, विपूल अग्रवाल, सावन कुमार अग्रवाल, अंकित अग्रवाल (हाई स्कूल के पास), आदित्य अग्रवाल, तरुण भिंडवानी, नितिन अग्रवाल, प्रियांशु अग्रवाल, आदर्श अग्रवाल, आकाश अग्रवाल, नटवर अग्रवाल, दिनेश कथुरिया, बंटी अग्रवाल, रितेश अग्रवाल (स्टेशन रोड) और प्रताप अग्रवाल रंगे हाथ धराये .
सितम्बर 25, 2026

सियासी गोता या सच में परवाह? केलो में कूदे मंत्री ओपी चौधरी तो कांग्रेस ने पूछा- ‘औद्योगिक कचरे पर कब चलेगा सफाई अभियान?’

केलो नदी में मंत्री ओपी चौधरी की छलांग पर गरमाई रायगढ़ की सियासत, विपक्ष ने पूछा- उद्योगों पर कार्रवाई से क्यों डरती है सरकार?
सितम्बर 24, 2026

रायगढ़ में भीषण सड़क हादसा: धरमजयगढ़-खरसिया मार्ग पर बस और ट्रक की टक्कर, 15 से अधिक यात्री घायल

टक्कर इतनी तेज थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
सितम्बर 24, 2026

रायगढ़ में मौसम का मिजाज बदला: हल्की बारिश के साथ तापमान में गिरावट, जानें आज की वेदर रिपोर्ट

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा में नमी (Humidity) का स्तर 88% से 89% के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है, जिसके कारण दिनभर ठंडी हवाओं का दौर जारी रहेगा।
सितम्बर 24, 2026

छत्तीसगढ़ बीजेपी की नई प्रभारी बनीं स्मृति ईरानी, सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी की कमान! गोमती साय गुजरात की कमान

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की घोषणा कर दी है।
सितम्बर 24, 2026

2000 रुपये से ज्यादा के रेलवे टिकट पर क्या लगेगा अतिरिक्त UPI चार्ज..? यात्रियों को मिली राहत..?

15 अक्टूबर से लागू होने वाले नए MDR सिस्टम के तहत यात्रियों पर उठाएंगे एमडीआर का खर्चा या आईआरसीटीसी या बैंक..? क्या कहती है रेलवे और नया नियम..
सितम्बर 23, 2026