रायगढ़। यूनिटी मेटा टोकन और बीड क्वाइन जैसे डिजिटल टोकन में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर एक युवक से 11 लाख 60 हजार रुपये ठगने के मामले में साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पीड़ित को कम समय में अधिक लाभ का झांसा देकर उसकी जमा पूंजी हड़प ली थी। पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
साइबर थाना पुलिस के अनुसार, ग्राम डिपाटपुर (ओडिशा) निवासी और वर्तमान में चक्रधरनगर के कसेर पारा में रह रहे 26 वर्षीय विक्रम परिडा ने इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। विक्रम वर्ष 2024 से रायगढ़ में रह रहे हैं, जहां उनकी पहचान फास्ट फूड दुकान में काम करने वाले गजुला मोहन से हुई। गजुला मोहन ने स्वयं डिजिटल टोकन से लाभ कमाने का दावा करते हुए विक्रम को भी अधिक मुनाफे का लालच दिया।

खेत बेचकर निवेश की थी रकम, न मुनाफा मिला और न मूलधन
अधिक मुनाफे के झांसे में आकर विक्रम परिडा ने अपना खेत बेच दिया और 25 जुलाई 2024 से 3 सितंबर 2024 के बीच कुल 11 लाख 60 हजार रुपये का निवेश कर दिया। यह रकम चंदन दास के जरिए बीड क्वाइन से जुड़े काम करने वाले भावेष पटेल के बैंक खाते में ट्रांसफर कराई गई थी। तय समय बीतने के बाद भी जब पीड़ित को न कोई लाभ मिला और न ही मूल राशि वापस हुई, तो उसने पैसे लौटाने की मांग की। रकम वापस न मिलने पर पीड़ित ने पुलिस की शरण ली।

शिकायत के आधार पर थाना साइबर, रायगढ़ में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर साइबर पुलिस ने संबंधित बैंक खातों के स्टेटमेंट खंगाले, जिससे रकम के लेन-देन की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार किया और अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन पुलिस को सौंप दिए।

ओडिशा और मुंबई तक जुड़े हैं तार, पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी गजुला मोहन के खिलाफ वर्ष 2025 में भी चक्रधरनगर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। उस प्रकरण में वह अदालत से स्टे लेने के बाद फरार चल रहा था। पुलिस अब उस पुराने मामले के तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही गजुला मोहन के संपर्कों के ओडिशा और मुंबई तक फैले होने तथा ठगी की रकम आगे भेजे जाने की जानकारी भी मिली है, जिसकी विस्तृत विवेचना की जा रही है।
मामले में पुलिस ने गजुला मोहन, चंदन दास और भावेष पटेल को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि वे डिजिटल करेंसी, क्रिप्टो टोकन या किसी भी ऑनलाइन निवेश स्कीम में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधानिकता और प्रमाणिकता अवश्य जांच लें। कम समय में असाधारण मुनाफे के दावों पर भरोसा न करें और किसी भी वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।









