रायगढ़। शेयर मार्केट में निवेश कर कम समय में रकम दोगुनी करने और मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर ग्रामीण महिलाओं से 70.77 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी मिनकेतन सिदार को तमनार थाना क्षेत्र के ग्राम आमगांव में दबिश देकर पकड़ा। पुलिस ने उसके पास से वारदात में प्रयुक्त मोबाइल फोन और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। पूछताछ के बाद आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर थाना पुलिस की टीम इस मामले की जांच कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम जतरी निवासी हारा बाई निषाद (36 वर्ष) समेत गांव की अन्य महिलाओं ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। महिलाओं का आरोप था कि ग्राम जतरी की रहने वाली मेनका सारथी (विवाहित ग्राम बरतुंगा, जिला सक्ती) जब मायके आती थी, तब वह महिलाओं को शेयर मार्केट में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देती थी। उसने दावा किया था कि वह और उसका पति शेयर बाजार में निवेश कर अच्छी कमाई कर रहे हैं और यदि निवेश की रकम दोगुनी नहीं हुई तो वे अपनी गारंटी पर रकम लौटाएंगे।
कर्ज लेकर महिलाओं ने लगाए थे लाखों रुपये
पीड़ित महिलाओं ने इस भरोसे में आकर 6 अप्रैल 2025 से 24 अक्टूबर 2025 के बीच नकद और ऑनलाइन माध्यम से लाखों रुपये सौंप दिए। शिकायत के अनुसार, हारा बाई निषाद से 17.53 लाख रुपये, अनिता निषाद से 17.24 लाख रुपये, पुष्पा सिदार से 9 लाख रुपये, विष्णु प्रिया निषाद से 7.50 लाख रुपये, दुजकुंवर यादव से 5 लाख रुपये, मुन्नी बाई सारथी से 3.40 लाख रुपये, मोहनमती सिदार से 3.30 लाख रुपये, आरती सिदार से 3 लाख रुपये, फुलबाई यादव से 3 लाख रुपये और सुशीला निषाद से 1.80 लाख रुपये सहित कुल 70,77,901 रुपये लिए गए।
शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए कुछ महिलाओं को मुनाफे के तौर पर रकम लौटाई गई, लेकिन बाद में भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया। जब पीड़ितों ने अपनी मूल रकम वापस मांगी तो पता चला कि पैसे शेयर बाजार में लगाने के बजाय निजी उपयोग में खर्च कर दिए गए हैं। रकम मांगने पर महिलाओं को जेल भिजवाने की धमकी भी दी गई। कई महिलाओं ने अन्य बैंकों से कर्ज लेकर यह राशि दी थी और अब उन्हें खुद ऋण की किस्तें चुकानी पड़ रही हैं।
पूछताछ में सामने आई थी मास्टरमाइंड की भूमिका
जांच में वित्तीय लेनदेन और ठगी के साक्ष्य मिलने पर साइबर थाने में 22 जुलाई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मेनका सारथी, उसके पति अक्षय सारथी और मीरा सोनवानी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने 6 अक्टूबर को मेनका सारथी को जिला सक्ती के ग्राम बरतुंगा से गिरफ्तार किया था।
मेनका सारथी से पूछताछ में पता चला कि रायगढ़ के ढिमरापुर में किराये के मकान में रहने के दौरान उसकी पहचान मिनकेतन सिदार से हुई थी। उसी ने शेयर मार्केट के नाम पर ठगी की पूरी योजना तैयार की थी। इसके बाद मेनका के पति अक्षय सारथी और मां मीरा सोनवानी को भी इस काम में शामिल किया गया था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने दबिश देकर मुख्य आरोपी मिनकेतन सिदार (40 वर्ष, निवासी ग्राम आमगांव, थाना तमनार) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है और विवेचना जारी है।









