रायगढ़। जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) के दूसरे चरण का कार्य शुरू हो चुका है। सर्वे प्रक्रिया में सटीकता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारी मैदानी स्तर पर पहुंचकर निगरानी कर रहे हैं। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार लैलूंगा और धरमजयगढ़ तहसील के विभिन्न गांवों में सर्वे कार्यों का जायजा लिया गया और मौके पर मौजूद सर्वेयरों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
लैलूंगा और धरमजयगढ़ के गांवों में अधिकारियों का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान लैलूंगा के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राकेश कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में ग्राम कुंजारा, खैरबहल और कोड़केल में सर्वे कार्य की जांच की गई। वहीं, धरमजयगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) प्रवेश पैकरा ने तहसील के ग्राम मिरीगुड़ा और उदउदा में पहुंचकर व्यवस्था देखी।

अधिकारियों ने सर्वेयरों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित नियमों का पालन करते हुए खेतों में बोई गई फसलों की वास्तविक स्थिति के आधार पर ही प्रविष्टि दर्ज करें। डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत धान सहित अन्य फसलों का खेतों में भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही धान के खसरों का पॉलीगॉन तैयार कर फसल और रकबे से संबंधित डेटा ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है, ताकि जानकारी व्यवस्थित रहे।
मुनादी कराकर दी जा रही सूचना, प्रशासन ने की सहयोग की अपील

किसानों को सर्वे की पूर्व जानकारी देने के लिए गांवों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराई जा रही है। मुनादी के बाद सर्वे दल खेतों में पहुंचकर फसलों का मिलान कर रहा है और जानकारी को डिजिटल प्रणाली में दर्ज कर रहा है।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि सर्वे दल के आने पर वे खेतों में उपस्थित रहें और बोई गई फसल व रकबे से जुड़ी सही जानकारी साझा करें, ताकि सर्वे कार्य को पूरी सटीकता के साथ पूरा किया जा सके।









