रायगढ़। जिले में ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत IPL सट्टेबाजों पर पुलिस ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में घरघोड़ा पुलिस ने सट्टेबाजी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं, जिनमें रायगढ़ के जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार और करण चौधरी को मुख्य सरगना बताया गया है। लेकिन इस कार्रवाई के तुरंत बाद मामले ने एक बेहद नाटकीय मोड़ ले लिया है। FIR दर्ज होने के अगले ही दिन (27 अप्रैल) मुख्य आरोपी करण चौधरी ने राजस्थान के खाटू श्याम से एक वीडियो जारी कर सीधे पुलिस को ‘ओपन चैलेंज’ दे डाला है। वहीं, कड़े कानून के कारण दोनों मुख्य आरोपियों के भूमिगत (Underground) होने और हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की जुगाड़ में लगने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हाइलाइट्स
- घरघोड़ा थाने में IPL सट्टा खिलाने पर 2 बड़ी FIR दर्ज, गुड्डा सरदार और करण चौधरी पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का बड़ा सिंडिकेट चलाने का आरोप
- FIR के अगले दिन (27 अप्रैल) आरोपी करण चौधरी ने खाटू श्याम से वीडियो जारी कर पुलिस को दिया सीधा चैलेंज
- करण का दावा- “नक्सलियों की तरह 3 साल पहले ही छोड़ चुका हूं यह काम, 0.1% भी सबूत मिला तो खुद कर दूंगा सरेंडर”
- बेटे के मुंडन के लिए राजस्थान में होने की कही बात, “2 दिन में रायगढ़ लौटूंगा, मुझे जबरन न फंसाएं”
- ऑनलाइन सट्टेबाजी की धारा 7 (छ.ग. जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022) के तहत मामला दर्ज, सख्त कानून के चलते आरोपियों के हाई कोर्ट से बेल लेने की आशंका
घरघोड़ा में दर्ज हुईं दो FIR, खुला ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क
जानकारी के अनुसार, 26 अप्रैल 2026 को घरघोड़ा पुलिस ने मुखबिर की पुख्ता सूचना पर दो अलग-अलग जगहों पर दबिश दी।
पहली कार्रवाई (FIR No. 0147) में पुलिस ने वार्ड नंबर 13 में दबिश देकर गौतम भोजवानी, लक्ष्मीनारायण सिदार और सागर गुप्ता को मोबाइल पर चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और गुजरात टाइटंस (GT) के मैच पर सट्टा खिलाते रंगे हाथ पकड़ा।

वहीं दूसरी कार्रवाई (FIR No. 0148) में नवापारा टेंडा के पास से भरत गोयल नामक सटोरिए को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की पूछताछ और मेमोरेंडम में इन सभी आरोपियों ने कबूल किया कि वे रायगढ़ के जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार और करण चौधरी के सीधे संपर्क में हैं और उन्हीं के इशारे पर व्हाट्सएप और कॉल्स के जरिए यह पूरा ऑनलाइन सट्टे का खेल चल रहा था। पुलिस ने गुड्डा सरदार और करण चौधरी के खिलाफ ‘छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 7’ और BNS की धारा 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
‘नक्सलियों की तरह कर चुका हूं सरेंडर, 0.1% भी सबूत लाकर दिखाए पुलिस’
मामले में असली ‘ट्विस्ट’ 27 अप्रैल को आया, जब आरोपी करण चौधरी ने एक वीडियो जारी कर पुलिस के दावों पर सवाल खड़े कर दिए। वीडियो में करण चौधरी यह कहते हुए नजर आ रहा है कि घरघोड़ा पुलिस ने जिन 5-6 लोगों को पकड़ा है, उनके बयानों के आधार पर उसका नाम भी FIR में डाल दिया गया है।
पुलिस को चुनौती देते हुए करण ने वीडियो में कहा, “मैंने एसपी और सीएसपी महोदय से बात की है। मैं साफ कहना चाहता हूं कि पिछले 3 साल का मेरा कोई भी रिकॉर्ड निकाल लीजिए। जिस तरह नक्सली सरेंडर करते हैं, वैसे ही मैंने 3 साल पहले यह काम छोड़ दिया था। अगर पुलिस के पास मेरे खिलाफ 0.1% भी कोई सबूत है, तो मुझे बताएं, मैं खुद आकर सरेंडर कर दूंगा।” उसने यह भी बताया कि वह अभी बाबा खाटू श्याम (राजस्थान) की नगरी में अपने बेटे का मुंडन कराने आया है और दो दिन बाद रायगढ़ लौटेगा।

भूमिगत आरोपी और ‘अग्रिम जमानत’ का खेल
वीडियो में करण ने दो दिन में लौटने की बात कही थी, लेकिन फिलहाल गुड्डा सरदार और करण चौधरी दोनों ही पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। चूंकि पुलिस ने उनके खिलाफ ‘छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 7’ लगाई है। यह ऑनलाइन सट्टेबाजी (Online Gambling) से जुड़ी एक बेहद सख्त श्रेणी की धारा है, जिसमें कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

कानूनी जानकारों का मानना है कि पुलिस की पकड़ से दूर रहकर ये दोनों आरोपी इसी समय का फायदा उठा रहे हैं। सख्त कानून और गिरफ्तारी से बचने के लिए इस बात की पूरी संभावना है कि आरोपी ‘अंडरग्राउंड’ होकर सीधे बिलासपुर हाई कोर्ट (High Court) से अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की कोशिशों में लगे हुए हैं।
अब रायगढ़ की जनता और सट्टा बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पुलिस अपने पुख्ता डिजिटल सबूतों के आधार पर इन ‘चैलेंज’ देने वाले आरोपियों को हाई कोर्ट से बेल मिलने से पहले गिरफ्तार कर पाएगी, या फिर अग्रिम जमानत का यह खेल पुलिस के हाथ खाली छोड़ देगा?



