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कोतरा रोड थाने के बाहर तनाव: भारी पुलिस बल तैनात, SSP ने बातचीत के लिए बुलाया किसानों का प्रतिनिधिमंडल

रायगढ़। ग्राम गेजामुड़ा के किसानों और कंपनियों के बीच जमीन मुआवजे का विवाद अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। बीती रात से कोतरा रोड थाने के सामने धरने पर बैठे किसान और परिजनों का हौसला अभी भी नहीं टूटा है। मामले की गंभीरता और ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए रविवार दोपहर कोतरा रोड थाने को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। भारी पुलिस बल के साथ आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और खुद रायगढ़ एसपी शशि मोहन सिंह ने डैमेज कंट्रोल के लिए किसानों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया है।

​हाइलाइट्स

  • ​कोतरा रोड थाने के बाहर दोपहर 1 बजे तक हालात तनावपूर्ण, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
  • एडिशनल SP और आसपास के कई थानों के टीआई (थाना प्रभारी) मौके पर पहुंचना शुरू किए हैं
  • ​अपनी मांगों पर पीछे हटने को तैयार नहीं ग्रामीण, चिलचिलाती धूप में भी जारी है धरना
  • रायगढ़ SSP शशि मोहन सिंह ने 5 किसानों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया
  • ​ग्रामीणों की स्पष्ट मांग- ‘शासकीय कार्य में बाधा’ जैसी संगीन धाराओं में फंसाए गए ऋषि पटेल को किया जाए दोषमुक्त

​पुलिस छावनी में तब्दील हुआ कोतरा रोड थाना

रविवार दोपहर 1 बजते-बजते कोतरा रोड थाने के बाहर का नजारा पूरी तरह बदल गया है। ग्रामीणों के बढ़ते हुजूम और उनके अटल इरादों को देखते हुए प्रशासन ने भारी मात्रा में पुलिस बल बुला लिया है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए एडिशनल एसपी (Additional SP) के साथ-साथ शहर और आसपास के कई थानों के थाना प्रभारियों (TI) को मौके पर तैनात कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन लगातार भीड़ को समझाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ग्रामीण टस से मस होने को तैयार नहीं हैं।

थाने के बाहर भारी मात्रा में पुलिस

SSP ने शुरू की बातचीत की कोशिश, बुलाया प्रतिनिधिमंडल

धरने पर बैठे ग्रामीणों के आक्रोश की गूंज पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंच चुकी है। मामले को और ज्यादा तूल पकड़ने से रोकने के लिए रायगढ़ पुलिस कप्तान (SP) शशि मोहन सिंह ने खुद मोर्चा संभाला है। एसपी ने गतिरोध तोड़ने और बातचीत का रास्ता निकालने के लिए फोन कर गांव के किसानों के 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल (Delegation) को चर्चा के लिए बुलाया है। फिलहाल कुछ ग्रामीण एडिशनल एसपी से थाने के अंदर बातचीत कर रहे हैं। इस बैठक से क्या हल निकलता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

कल शाम 5:00 बजे से थाने के बाहर बैठे हैं परिजन और ग्रामीण

​’संगीन धाराओं से किया जाए दोषमुक्त’

ग्रामीणों और परिजनों का सीधा आरोप है कि जमीन मुआवजे की जायज लड़ाई लड़ रहे ऋषि पटेल को पुलिस ने कंपनियों के दबाव में आकर गलत तरीके से दिनदहाड़े धोखे से उठा लिया और जेल में डाल दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने ऋषि की आवाज दबाने के लिए उस पर ‘सरकारी काम में बाधा डालने’ सहित कई अन्य संगीन और झूठी धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। प्रतिनिधिमंडल और ग्रामीणों की सबसे प्रमुख मांग यही है कि ऋषि पटेल पर लगाए गए सभी फर्जी मुकदमों को तुरंत वापस लिया जाए और उसे बिना शर्त दोषमुक्त किया जाए।

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