रायगढ़. जिले के कोतरारोड़ थाना क्षेत्र (खैरपुर जमुनीपारा) में साल 2023 में हुए बहुचर्चित हत्याकांड में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने गली मरम्मत के मामूली विवाद में चाकू गोदकर हत्या करने वाले दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।
खबर के मुख्य बिंदु:
- 24 जनवरी 2023 को खैरपुर जमुनीपारा में गृह प्रवेश की तैयारी के दौरान हुआ था विवाद
- गली मरम्मत को लेकर हुए झगड़े में महिला और बीच-बचाव करने आए उसके जीजा पर हुआ था जानलेवा हमला
- इलाज के दौरान जीजा छोटनराम की हो गई थी मौत,
- पुलिस ने देवव्रत और कार्तिक को किया था गिरफ्तार
- अदालत ने दोनों दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा,
- पीड़ित परिवार को 1 लाख रुपये का मिलेगा मुआवजा
गृह प्रवेश की खुशियों के बीच विवाद
यह घटना 24 जनवरी 2023 की है। खैरपुर जमुनीपारा में मुन्ना कुमार के नए मकान में 26 जनवरी को गृह प्रवेश होना था और वहां तैयारियां चल रही थीं।
इसी बीच मोहल्ले का रहने वाला देवव्रत अपनी मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा। गली की मरम्मत के काम को लेकर उसका मुन्ना और उसके परिवार से विवाद हो गया, जिसके बाद वह वहां से चला गया।
महिला को मारा चाकू, बचाने आए जीजा की मौत
कुछ देर बाद देवव्रत अपने साथी कार्तिक राम तुरी के साथ वापस लौटा और गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि कार्तिक ने सब्जी काटने वाली लोहे की छुरी निकाली और मुन्ना की बहन ललिता देवी के पेट में वार कर दिया।
जब ललिता का जीजा छोटनराम बीच-बचाव करने आया, तो आरोपियों ने उस पर भी उसी छुरी से जानलेवा हमला कर दिया। खून से लथपथ छोटनराम को तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
ठोस सबूतों के आधार पर ताउम्र जेल
तत्कालीन कोतरारोड़ पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों कार्तिक राम तुरी और देवव्रत कुमार सिन्हा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस द्वारा समय पर पेश किए गए वैज्ञानिक सबूतों और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार ठाकुर की अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी माना। कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और पीड़ित परिवार को 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का भी आदेश दिया है।



