रायगढ़। महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पुसौर विकासखंड के तटीय इलाकों में प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। सूरजगढ़ और परसापाली गांव में नदी का पानी प्रवेश करने के बाद प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। शासन के निर्देश और कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
सूरजगढ़ और परसापाली में बने राहत शिविर, मवेशियों को भी सुरक्षित निकाला गया
पुसौर विकासखंड के सूरजगढ़ में बाढ़ की स्थिति से करीब 450 लोग प्रभावित हुए हैं। इन ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए पड़ीगांव में राहत शिविर स्थापित किया गया है, जहां लोगों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन द्वारा शिविर में भोजन, पेयजल सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

इसी तरह परसापाली गांव में भी बाढ़ के हालात को देखते हुए प्रभावितों के लिए छिछोर उमरिया के स्कूल भवन में राहत शिविर बनाया गया है। यहां भी ग्रामीणों को सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है। जनहानि रोकने के साथ-साथ पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित इलाकों से मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
अधिकारियों का दल मौके पर तैनात, नदी किनारे न जाने की अपील
एसडीएम महेश शर्मा सहित प्रशासनिक अमला प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा कर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारी मौके पर पहुंचकर जलस्तर, राहत व्यवस्थाओं और बचाव कार्यों का जायजा ले रहे हैं। पुसौर जनपद पंचायत के सीईओ, पंचायत सचिव, पटवारी और पशुपालन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी ग्राउंड पर डटे हुए हैं।
प्रशासन की प्राथमिकता किसी भी प्रकार के जन-धन के नुकसान को टालना है। इसके मद्देनजर महानदी के अन्य तटीय क्षेत्रों में भी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी के किनारों पर जाने से बचें तथा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।








