छोड़कर सामग्री पर जाएँ

रायगढ़ में सड़क में पीटने का फैशन: चक्रधर नगर में 7- 8 लोगों ने एक हरिजन को पीटा! पुलिस ने मार खाने वाले को ही लिया लॉकअप में..? देखें वीडियो

रायगढ़। रायगढ़ में इन दोनों ‘रोड साइड जस्टिस’ का पैटर्न चल गया है। बीच चौक पर समूह बनाकर किसी को पीटा जाता है, उसकी इज़्ज़त तार तार की जाती है और पुलिस मामले को मैनेज करती है। पिछले दिनों मिनीमाता चौक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है और कल रात को चक्रधर नगर चौक के सरला विला के पास सड़क पर भी ऐसी घटना हुई। जिसमें 7- 8 लोग मिलकर एक हरिजन की कुटाई करते हैं और हरिजन जब थाना जाता है तो उसे ही थाने में बैठा दिया जाता है। उसे फर्जी पास्को एक्ट में फसाने की धमकी दी जाती है।  इस पूरे मामले में मजे की बात यह है कि हरिजन ने 4 महीने पहले ही पुलिस को इस बारे में शिकायत दिया था कि उन लोगों ने उसे रास्ते में रोक कर जमकर जाति का गलियां दी और धमकाया था।

पूरी घटना को बारे में जानने से पहले आप नीचे वायरल वीडियो देखिए।

(नोट: इस वीडियो में गलियों का भरपूर प्रयोग हुआ है, कृपया अपने विवेक से निर्णय ले)

जानिए पूरा मामला

इस बारे में पीड़ित पक्ष ने बताया कि बजरंग चौहान का उसके ही क्षेत्र की स्थानीय महिला के साथ पिछले सात आठ सालों से संबंध है। महिला की नाबालिक बेटी भी है। पिछले उन महीनों से उनके बीच मनमुटाव है। जिसमें एक स्थानीय युवक रामू सिंधी के द्वारा उसे अगस्त के महीने में बीच सड़क पर रोक कर जातिगत गाली और धमकी दी गई थी। जिसकी शिकायत उसने हरिजन थाना में की गई थी। जिस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। मगर कल तगड़े से पिटाई हो गई।

4 महीने पहले पीड़ित का आवेदन

बीती शाम रामू सिंधी और महिला समेत 7-8 लोगों ने उसे चक्रधर नगर सरला विला के पास उसे पीटा, उसे गंदी-गंदी गालियां दी। इसके बाद वह किसी तरह बचकर निकला। जहां चक्रधर नगर थाने शिकायत दर्ज करने गया। उसे पीटने वाले लोग भी पहुंचे। इतनी मार खाने के बाद उल्टे उसे ही थाने में बैठा दिया गया और साथ ही आरोपी पक्ष को यह कानूनी सलाह दी गई की नाबालिक बेटी के नाम से एक फर्जी शिकायत दर्ज कराई जाए, जिससे मामला पोस्को एक्ट के तहत गंभीर प्रवृत्ति का बने।

याद दिलाना पड़ा पुलिस को  कर्तव्य

इस पूरे मामले में जहां पुलिस उसकी शिकायत सुनने को तैयार नहीं थी। वही पीड़ित की आपबीती सुनने के बाद एक बड़े नेता ने कार्यकारी थाना प्रभारी बी आर साहू को उनका कर्तव्य याद दिलाया। तब पुलिस, अब उसकी शिकायत सुनने को तैयार हुई है, कल के मार खाए का आज डॉक्टरी मुलाइज कराया गया। लेकिन वहीं दूसरी तरफ उसे गंभीर मामले फसाने की भी तैयारी जोरों से है।

रायगढ़ का अलग ही जस्टिस सिस्टम

इस पूरी कहानी को देखने सुनने समझने के बाद पहली बात तो यह निकाल कर आती है कि यहां सड़क पर किसी को भी पीटा जा सकता है। और दूसरी अगर आपके पास पैसा, पावर और रसूख.. तीनों में से कोई एक है तो मामला आपके पक्ष में भी हो जाएगा, पीड़ित आरोपी में बदल जाएगा। कोर्ट से पहले रोड एक अलग ही तरह का जस्टिस सिस्टम, फिलहाल अभी रायगढ़ में चल रहा है।

ख़बर शेयर करें: