रायगढ़। जिले में ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत जुआ और ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी पर पुलिस का कड़ा एक्शन लगातार जारी है। थाना पूंजीपथरा और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम गेरवानी में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बर्तन दुकान की आड़ में चल रहे ऑनलाइन IPL सट्टे के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से सट्टा खिलाते हुए दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, जबकि इस पूरे सिंडिकेट का मुख्य खाईवाल (Mastermind) पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से नकद रकम और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
हाइलाइट्स
- ग्राम गेरवानी में एक बर्तन दुकान के अंदर मोबाइल से चल रहा था ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का अवैध कारोबार
- पूंजीपथरा और साइबर पुलिस की संयुक्त रेड में श्याम कुमार अग्रवाल और सुरेश अग्रवाल रंगे हाथ गिरफ्तार
- सटोरियों के कब्जे से 18,400 रुपये नकद और सट्टेबाजी में इस्तेमाल होने वाले 4 मोबाइल फोन (विवो, रीयल मी) जब्त
- सट्टे के रुपयों का कलेक्शन करने वाला मुख्य खाईवाल रामफल अग्रवाल (निवासी गेरवानी) मौके से हुआ फरार
- दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 4 और 7 के तहत मामला दर्ज

बर्तन दुकान में बिछा था सट्टे का जाल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार (11 मई) को पूंजीपथरा और साइबर पुलिस की संयुक्त टीम को मुखबिर से पक्की सूचना मिली थी कि गेरवानी गांव की एक बर्तन दुकान के अंदर चोरी-छिपे मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दुकान की घेराबंदी की और अंदर अचानक दबिश दी।
मोबाइल और बारकोड से हो रहा था लाखों का लेन-देन
पुलिस ने जब दुकान के अंदर छापा मारा तो वहां ग्राम गेरवानी निवासी श्याम कुमार अग्रवाल (43 वर्ष) और रायगढ़ के कृष्णा विहार कॉलोनी निवासी सुरेश अग्रवाल (42 वर्ष) मोबाइल फोन पर क्रिकेट मैच में हार-जीत का दांव लगाते और ऑनलाइन सट्टा खिलाते रंगे हाथ पकड़े गए। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अलग-अलग जगहों से मोबाइल फोन और बारकोड (डिजिटल पेमेंट) के जरिए यह पूरा नेटवर्क चला रहे थे। पुलिस ने आरोपी श्याम के पास से 3 मोबाइल और 17,000 रुपये तथा सुरेश के पास से 1 मोबाइल और 1,400 रुपये नकद जब्त किए हैं।

मुख्य खाईवाल रामफल फरार, तलाश तेज
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि श्याम और सुरेश इस नेटवर्क के मोहरे थे। सट्टे की असली रकम ग्राम गेरवानी के ही रहने वाले बड़े खाईवाल ‘रामफल अग्रवाल’ तक नकद और डिजिटल भुगतान के जरिए पहुंचाई जाती थी। पुलिस टीम की दबिश की भनक लगते ही मास्टरमाइंड रामफल अग्रवाल मौके से भागने में सफल रहा।
थाना पूंजीपथरा पुलिस ने आरोपी श्याम और सुरेश के खिलाफ जुआ एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है और फरार आरोपी रामफल अग्रवाल की सरगर्मी से तलाश कर रही है।



