रायगढ़। छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। दुर्ग और बलरामपुर जिले के बाद अब रायगढ़ में भी अफीम (Afeem) की खेती का बड़ा भंडाफोड़ हुआ है। जिले के आमाघाट इलाके में एक शातिर तस्कर बेहद गोपनीय तरीके से 70 डिसमिल जमीन पर अफीम की फसल उगा रहा था। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मौके से प्रोसेस किया हुआ अफीम भी बरामद किया है।
वीडियो: रायगढ़ में अफ़ीम का खेत
खबर के मुख्य बिंदु:
- दुर्ग और बलरामपुर के बाद रायगढ़ के आमाघाट इलाके में अफीम (Opium) की खेती का हुआ बड़ा खुलासा
- मुखबिर की सूचना पर पूंजीपथरा और तमनार पुलिस की संयुक्त टीम ने की घेराबंदी
- झारखंड के खूंटी का रहने वाला आरोपी मार्शल सांगा गिरफ्तार, पिछले 10-12 साल से ससुराल में रहकर कर रहा था खेती
- पुलिस ने मौके से प्रोसेस किया हुआ अफीम भी किया जब्त, 70 डिसमिल जमीन पर चल रही थी नशे की खेती
- तहसीलदार और राजस्व टीम मौके पर कर रही जमीन की नपाई, NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
पूंजीपथरा और तमनार पुलिस का जॉइंट ऑपरेशन
रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर से इस गोपनीय अफीम की खेती के बारे में पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना की तस्दीक करने के लिए थाना प्रभारी पूंजीपथरा और तमनार की संयुक्त टीम कल शाम आमाघाट इलाके में पहुंची। रात के अंधेरे में घेराबंदी कर पुलिस ने मुख्य आरोपी मार्शल सांगा को हिरासत में ले लिया।
ससुराल में रहकर दामाद कर रहा था नशे की खेती
पूछताछ में एक हैरान करने वाली कहानी सामने आई है। आरोपी मार्शल सांगा मूल रूप से झारखंड के खूंटी जिले का रहने वाला है। वह पिछले 10-12 सालों से रायगढ़ में अपनी पत्नी सुषमा खलखो के मायके (अपने ससुराल) में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, इस पूरे रैकेट में झारखंड के कुछ और लोग भी शामिल हैं जो मिलकर यहां अफीम की खेती करवा रहे थे। आरोपी ने पुलिस को बताया कि झारखंड में उसके कुछ साथी अफीम की खेती करते हैं, उन्हीं से प्रेरित होकर उसने रायगढ़ में भी इस काले कारोबार की शुरुआत की थी।

70 डिसमिल में लहरा रही थी फसल, राजस्व टीम कर रही जांच
पुलिस की टीम ने मौके से अफीम के हरे पौधों के साथ-साथ ‘प्रोसेस’ करके बनाया गया अफीम भी जब्त किया है। घटना स्थल पर तहसीलदार की टीम भी पहुंची है और जमीन की नाप-जोख की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह खेती करीब 70 डिसमिल जमीन पर होना पाया गया है, लेकिन यह जमीन शासकीय है या निजी, इसका निर्धारण होना अभी बाकी है। पुलिस ने जेएमएफसी (JMFC) को सूचना देकर NDPS एक्ट की सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। एसएसपी ने साफ किया है कि जांच के बाद इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों का भी पर्दाफाश किया जाएगा।



