रायगढ़। लैलूंगा पुलिस ने हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा पाने के बाद पिछले 15 वर्षों से फरार चल रही महिला वारंटी को जूटमिल क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में फरार आरोपियों और वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत यह सफलता मिली है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला की पहचान रामबाई चौहान (उम्र करीब 40 वर्ष), पति आत्माराम चौहान के रूप में हुई है। वह मूल रूप से लैलूंगा थाना क्षेत्र के मेढरमार की निवासी है और वर्तमान में जूटमिल थाना क्षेत्र अंतर्गत ट्रांसपोर्ट नगर, सारंगढ़ बस स्टैंड के पास वाल्मीकि-अंबेडकर आवास में पहचान छिपाकर रह रही थी।
पार्रू सिदार हत्याकांड में मिली थी आजीवन कारावास की सजा

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जिला सत्र न्यायालय रायगढ़ के प्रकरण क्रमांक 194/1996 में रामबाई चौहान को हत्या के अपराध में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इस मामले में पार्रू सिदार नामक व्यक्ति की गला घोंटकर हत्या की गई थी।
सत्र अदालत के फैसले के खिलाफ की गई अपील को उच्च न्यायालय ने भी खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर निचली अदालत की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए अपीलकर्ता को शेष सजा भुगतने के लिए आत्मसमर्पण करने अथवा हिरासत में लेने का निर्देश दिया था, जिसके बाद से वह फरार चल रही थी।
वोटर लिस्ट और पुरानी तस्वीर से खुली पहचान की पोल
‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के दौरान लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने पुराने रिकॉर्ड और तस्वीरों के आधार पर वारंटी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान महिला के जूटमिल क्षेत्र में रहने की जानकारी मिली, जिसके बाद जूटमिल पुलिस के सहयोग से स्थानीय वोटर लिस्ट और अन्य विवरणों की पड़ताल की गई।
जांच में सामने आई एक महिला का वर्तमान रिकॉर्ड पुराने विवरण से पूरी तरह मेल नहीं खा रहा था, लेकिन पुरानी तस्वीर से मिलान करने पर पहचान की पुष्टि हुई। पुलिस जब उसे थाने लेकर आई, तब उसने शुरुआत में अपनी पहचान नकार दी। हालांकि, पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर की गई पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह वही रामबाई चौहान है जिसे हत्या के मामले में सजा हुई थी।
न्यायालय में पेशी के बाद भेजा गया जेल
गिरफ्तारी वारंट के परिपालन में पुलिस ने महिला को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया। अदालत द्वारा जेल वारंट जारी किए जाने के बाद उसे जेल दाखिल करा दिया गया है।
इस धरपकड़ कार्रवाई में लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव, जूटमिल थाने के सहायक उप निरीक्षक हेमंत कश्यप, लैलूंगा थाने के प्रधान आरक्षक नंद कुमार पैंकरा तथा महिला आरक्षक आशा सिदार शामिल रहे।









