रायगढ़। रायगढ़ पुलिस ने नशे के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए नशीली इंजेक्शन, प्रतिबंधित कैप्सूल, सिरप बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस की छापेमारी में प्रतिबंधित दावों का जखीरा बरामद हुआ है. आरोपियों से करीब ₹14.75 लाख की नशीली दवाएं और ₹1,20,000 रुपए का 6 किलो गांजा जप्त किया गया है.
इस मामले में रायगढ़ पुलिस ने स्थानीय डीलर, उड़ीसा के मेडिकल स्टोर का संचालक समेत नशे की सामाग्री खरीदी-बिक्री करने वाले 6 आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट की कार्यवाही की गयी है.

केस नं0 -1
रायगढ़ एसपी दिव्यांग कुमार पटेल को शहर में नवयुवकों को आसानी से प्रतिबंधित दवाएं बिना डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन पर्ची के उपलब्ध होने की जानकारी मिल रही थी जिसे नवयुवक नशे के रूप में उपयोग कर रहे थे जिस पर कार्यवाही के निर्देश सभी थाना प्रभारी को दिया गया।
इसी क्रम में थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक मोहन भारद्वाज को मुखबिर से सूचना मिली कि क्षेत्र का रामकुमार खटर्जी अपने किराना दुकान में प्रतिबंधित दवाएं बिक्री कर रहा है सूचना पर तत्काल जूटमिल पुलिस द्वारा संदेही के किराना दुकान पर दबिश दिया गया जहां।
आरोपी के कब्जे से दो अलग-अलग कंपनियां प्रतिबंध दर्द निवारक कैप्सूल 305 नाग कैप्सूल कीमती 2803 रुपए का जप्ती किया गया । आरोपी पर थाना जूटमिल में 21, 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही का कर आरोपी से उसके लिंक के संबंध में पूछताछ किया गया. जिसे पूछताछ में कनकतुरा थाना रेंगली जिला झारसुगुड़ा के मधुसूदन मेडिकल स्टोर से प्रतिबंधित दवाएं बिना डॉक्टर पर्ची के खरीद कर लाना और रायगढ़ शहर में बिक्री करना बताया।
एसपी दिव्यांग कुमार पटेल द्वारा सीएसपी अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में थाना कोतवाली, जूटमिल और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए पुलिस टीम द्वारा तत्काल कनकपुरा मधुसूदन मेडिकल स्टोर में दबिश दी. इसके संचालक पदम लोचन मेहर को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने अपने भाई के साथ मादक पदार्थ गांजा, नशीले टैबलेट और इंजेक्शन की बिक्री करना बताया।
पुलिस टीम द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी साझा कर विधिवत ड्रग्स विभाग को सूचना देकर संयुक्त टीम द्वारा मेडिकल स्टोर पर छापेमार कार्यवाही की गई आरोपियों से 6KG गांजा, भारी मात्रा में नशली दवाएं, इंजेक्शन, सिरप की जप्ती कार्यवाही की गई। आरोपी पदम लोचन और उसके भाई चंद्रशेखर को थाना जूटमिल के अपराध में संयुक्त आरोपी बनाया गया है।
केस नं0 -2
इसी क्रम में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शनिप रात्रे को उनके लगाए मुखबीर से सूख्ना मिली कि रेलवे स्टेशन के पास सुरेश वर्मा नाम का व्यक्ति नशीली टैबलेट बेच रहा है। तत्काल कोतवाली पुलिस की टीम द्वारा रेलवे स्टेशन पर दबिश देकर सुरेश वर्मा को हिरासत में लिया गया। सुरेश शर्मा के कब्जे से पुलिस को 128 नग प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल कीमत 8726 रुपए और बिक्री रकम ₹300 बरामद किया गया।
आरोपी सुरेश वर्मा से नशीली दवाओं के संबंध में पूछताछ करने पर सुरेश वर्मा ने घासीराम सिदार (निवासी धांगरडिपा शीतला मंदिर के पास) से नशीली दवाएं खरीद कर लाना और बेचना बताया और ₹20000 एडवांस में देना बताया। सीएसपी रायगढ़ के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा घासी राम सिदार के घर दबिश दिया गया। जहां मौके पर दिलीप सिंह राजपूत पहले से नशीली दवाएं खरीदने खड़ा मिला।
पुलिस टीम द्वारा संदेही घासीराम सिदार की तलाशी ली गई. जिसके पास से 130 नग एम्पुल नशीली इंजेक्शन कीमती 7760 रुपए और बिक्री रकम करीब ₹5000 बरामद हुआ।
वहीं आरोपी दिलीप सिंह राजपूत के कब्जे से पुलिस ने नशीली इंजेक्शन 260 नग कीमत 15516 रुपए तथा नगदी रकम ₹8000 जप्त किया गया है।
तीनों आरोपियों पर थाना कोतवाली में धारा 21(B), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है। आरोपियों से पूछताछ में कुछ अहम जानकारियां हाथ लगी है, इस ओर भी कोतवाली पुलिस जांच कार्यवाही कर रही है।
एसपी श्री दिव्यांग कुमार पटेल द्वारा पुलिस टीम को क्षेत्र में इसी प्रकार अन्य मादक पदार्थ विक्रय करने वालों पर निगाह रखकर कार्यवाही का निर्देश सभी राजपत्रित अधिकारियों को अपने पर्यवेक्षण में कराने के निर्देश दिये गये हैं। एसपी दिव्यांग कुमार पटेल के दिशा निर्देशन तथा एडिशनल एसपी संजय महादेवा के मार्गदर्शन पर पुलिस टीम के नेतृत्वकर्ता नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव उपाध्याय के सुपरविजन में एनडीपीएस एक्ट के कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शनिप रात्रे, थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक मोहन भारद्वाज, उप निरीक्षक संजय नाग, एएसआई चंदन नेताम, गौतम सिंह ठाकुर, भागीरथी चौधरी प्रधान आरक्षक श्रीराम साहू, जगदीश नायक, रामनाथ बनर्जी, हेमंत पात्रे, आरक्षक जगमोहन ओग्रे,उत्तम सारथी, मनोज पटनायक, विनोद शर्मा, संदीप भगत, बंशीलाल रात्रे, विकास सिंह, साइबर सेल के आरक्षक प्रशांत पंडा, महेश पंडा, विकास प्रधान, नवीन शुक्ला, प्रताप बेहरा, विक्रम सिंह, पुष्पेंद्र जाटवर तथा महिला आरक्षक आशा सिदार, प्रतीक्षा मिंज की अहम भूमिका रही है ।



