रायगढ़। जिले में चल रहे सट्टे के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए रायगढ़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। साइबर सेल, कोतवाली और चक्रधरनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के दो अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर सट्टा पट्टी लिखते तीन गुर्गों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही सट्टेबाजी के मुख्य सरगना (खाईवाल) फरार होने में कामयाब रहे, जिनकी अब सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
खबर के मुख्य बिंदु:
- रायगढ़ पुलिस के ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत रेलवे बंगलापारा और मरीन ड्राइव में सट्टेबाजों पर रेड सट्टा पट्टी लिखते छबिराम धीवर, मोहम्मद एजाज और राजेश देवांगन रंगे हाथ गिरफ्तार
- सट्टा खाईवाल पप्पू बरेठ, मैनेजर दीनदयाल साहू और खाईवाल सहनावाज (सानू) मौके से हुए फरार
- आरोपियों के पास से नकद 1710 रुपये, 3 मोबाइल फोन, कैलकुलेटर और हजारों की सट्टा-पट्टी जब्त
- कोतवाली और चक्रधरनगर पुलिस ने छ.ग. जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर भेजा जेल
रेलवे बंगलापारा में कोतवाली पुलिस की रेड
थाना कोतवाली और साइबर सेल की टीम ने पुख्ता मुखबिर की सूचना पर रेलवे बंगलापारा में दबिश दी। पुलिस को देखते ही वहां सट्टा खेलने वालों की भीड़ तो तितर-बितर हो गई, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर सट्टा लिख रहे छबिराम धीवर (40 वर्ष) को दबोच लिया।

पूछताछ में छबिराम ने पुलिस के सामने कबूल किया कि वह कबीर चौक (जूटमिल) निवासी बड़े सट्टा खाईवाल पप्पू बरेठ के लिए काम करता है। उसने यह भी बताया कि पप्पू का मैनेजर दीनदयाल साहू सट्टे की रकम के लेन-देन का पूरा हिसाब रखता है। पुलिस ने छबिराम के पास से 1000 रुपये नकद, 9835 रुपये का सट्टा हिसाब, मोबाइल और कैलकुलेटर जब्त किया है।
मरीन ड्राइव में चक्रधरनगर पुलिस का एक्शन
दूसरी कार्रवाई चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के बेलादुला मरीन ड्राइव इलाके में की गई। साइबर और चक्रधरनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने यहां रेड मारकर मोहम्मद एजाज (30 वर्ष, निवासी जिंदल पतरापाली) और राजेश देवांगन (45 वर्ष, निवासी बेलादुला) को सट्टा पट्टी लिखते हुए रंगे हाथ पकड़ा।
इन दोनों गुर्गों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे मधुबनपारा के रहने वाले सट्टा खाईवाल सहनावाज मालिक उर्फ ‘सानू’ के लिए सट्टा लिखते हैं और मोबाइल के जरिए रुपयों का लेन-देन करते हैं। इनके पास से पुलिस ने 710 रुपये नकद, 1800 रुपये की सट्टा पट्टी और मोबाइल फोन जब्त किया है।

गुर्गे जेल में, खाईवालों की तलाश जारी
पुलिस ने पकड़े गए तीनों आरोपियों (छबिराम, एजाज और राजेश) के खिलाफ संबंधित थानों में ‘छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022’ की धारा 06 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
वहीं, इस अवैध कारोबार को पर्दे के पीछे से ऑपरेट करने वाले मुख्य खाईवाल पप्पू बरेठ, दीनदयाल साहू और सहनावाज उर्फ सानू फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इन फरार खाईवालों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार इनके ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।



