रायगढ़। पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम जकेला में डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता के अपहरण और डिजिटल लूट के सनसनीखेज मामले को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सुलझाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुल 99,100 रुपये नकद, वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, चाकू और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व वाली टीम ने यह सफलता हासिल की। पुलिस ने पहले आरोपी सुनील सारथी को घटना के 24 घंटे के भीतर सारंगढ़ क्षेत्र से पकड़ा, जिसकी निशानदेही और पूछताछ के आधार पर मुख्य आरोपी राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत, नरेंद्र उर्फ नंदू महंत और दिनेश सारथी को गिरफ्तार किया गया।
इवनिंग वॉक के दौरान बंधक बनाकर कराया था ऑनलाइन ट्रांसफर
पीड़ित कपूर चंद गुप्ता (47 वर्ष) के अनुसार, 5 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच वह ग्राम जकेला में डीपापारा और शोभा राइस मिल के पास इवनिंग वॉक कर रहे थे। थकान होने पर जब वह सड़क किनारे एक डबरी के पास माइलस्टोन पत्थर पर बैठे, तभी आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने उन्हें जबरन डबरी की ओर खींचकर आंखों पर पट्टी बांधी और पेट, गर्दन व छाती पर चाकू अड़ाकर जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद आरोपी प्रोफेसर को मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुनसान जगह ले गए और मारपीट कर उनके मोबाइल, गूगल पे तथा भीम यूपीआई के पासवर्ड हासिल कर लिए। आरोपियों ने एक परिचित महिला के खाते का क्यूआर कोड मंगवाकर प्रोफेसर के खाते की लिमिट खत्म होने तक अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए रकम ट्रांसफर कराई। लूट के बाद पीड़ित को भूपदेवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंडरीपानी स्थित एक सुनसान मकान में बंधक बनाकर रखा गया।
परिजनों की सतर्कता से मुक्त हुए प्रोफेसर, 3 अक्टूबर को बनी थी योजना
वारदात के दौरान आरोपियों ने परिजनों को गुमराह रखने के लिए पीड़ित से सामान्य बातचीत के लिए फोन कराया था। बातचीत के दौरान परिजनों को अनहोनी का अंदेशा हुआ और उन्होंने लोकेशन का पता लगाकर ग्राम पंडरीपानी में दबिश दी। परिजनों और ग्रामीणों के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी पीड़ित को मौके पर छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित को सकुशल छुड़ाकर पुसौर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 140(3), 309(6), 142 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वारदात की साजिश घटना से तीन दिन पहले 3 अक्टूबर 2026 को सुनील सारथी के छातामुड़ा स्थित घर पर रची गई थी। आरोपियों ने प्रोफेसर को नौकरीपेशा और सीधा-सादा समझकर फिरौती और रकम ऐंठने के इरादे से आसान निशाना बनाया था। वारदात के दिन तीनों आरोपी दिनेश सारथी के भाई की सीडी डीलक्स मोटरसाइकिल पर सवार होकर पहुंचे थे।
नकदी व हथियार बरामद, मुख्य आरोपी का रहा है आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस ने आरोपियों के पास से 99,100 रुपये नकद, दिनेश सारथी से एक चाकू, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल तथा राजेंद्र व नरेंद्र से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी राजेंद्र कुमार महंत का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पूर्व में हत्या के मामले में भी जेल जा चुका है।
मामले में सुनील सारथी को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है, जबकि राजेंद्र महंत, दिनेश सारथी और नरेंद्र महंत को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस द्वारा डिजिटल लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की आगे की विवेचना जारी है।









