रायगढ़। जूटमिल थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास 24 अक्टूबर को मिले अज्ञात शव की पहचान 32 वर्षीय योगेश कश्यप के रूप में हो गई है। मृतक मूल रूप से बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र का निवासी था और वर्तमान में किरोड़ीमलनगर के उच्चभिट्ठी में रह रहा था। परिजनों ने मेडिकल कॉलेज रायगढ़ पहुंचकर शव की शिनाख्त की।
पुलिस के अनुसार, इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए जूटमिल पुलिस ने मर्ग जांच के बाद हत्या का अपराध दर्ज किया था। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी योगेश सारथी सहित चार विधि से संघर्षरत बालकों को पहले ही गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा जा चुका है।
सोशल मीडिया पर हुलिया देखकर अस्पताल पहुंचे थे परिजन
परिजनों ने बताया कि योगेश के पिता स्थानीय जिंदल प्लांट में कार्यरत थे, जिसके बाद परिवार ने किरोड़ीमलनगर के उच्चभिट्ठी में मकान बना लिया था। योगेश की शादी हो चुकी थी और उसकी एक तीन साल की बेटी है, लेकिन वैवाहिक अनबन के चलते पत्नी बेटी को लेकर अलग रह रही थी। योगेश अपनी मां के साथ उच्चभिट्ठी में रहता था और पूंजीपथरा स्थित बीएस प्लांट में काम करता था, जबकि उसकी बहन बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में कार्यरत है।
परिजनों के मुताबिक, योगेश अक्सर काम खत्म होने के बाद दोस्तों के साथ बाहर रुक जाया करता था। जब वह एक-दो दिनों तक घर नहीं लौटा, तो परिवार ने उसकी खोजबीन शुरू की। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक अज्ञात युवक की हत्या और हुलिए से जुड़ी खबर देखकर परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने शव की पहचान योगेश के रूप में की।
पुलिस ने निष्पक्ष विवेचना और कड़ी सजा दिलाने का दिया भरोसा
घटना की पुष्टि के बाद परिजनों ने रायगढ़ पुलिस से सभी आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग की है। थाना प्रभारी जूटमिल ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि पुलिस ठोस वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटा रही है।
थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी और विधि से संघर्षरत बालकों के खिलाफ अदालत में मजबूत अभियोग पत्र पेश किया जाएगा, ताकि उन्हें कानून के मुताबिक कठोर सजा दिलाई जा सके। पुलिस मामले के बाकी पहलुओं की विस्तृत विवेचना कर रही है।








