सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले स्थित लखनपुर ब्लॉक के रजपुरी गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां जंगल से भटककर आए एक खूंखार बंदर ने गांव में ऐसा तांडव मचाया कि पूरा इलाका सहम उठा। बंदर के खौफ से ग्रामीण अपने-अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
इसी दौरान यह बंदर सुदर्शन प्रजापति के घर में दाखिल हो गया। भयभीत परिजन खुद को बचाने के लिए आनन-फानन में कमरे में बंद हो गए, लेकिन पालने में सो रही 5 महीने की मासूम बच्ची त्रिशिका को साथ नहीं ले जा सके। मौका मिलते ही बंदर ने बच्ची को उठाया और पानी से भरे ड्रम में फेंक दिया।
परिजनों ने जब यह दर्दनाक मंजर देखा तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत दौड़कर मासूम को ड्रम से बाहर निकाला। घटना के तुरंत बाद बच्ची को लखनपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां गंभीर हालत को देखते हुए उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
अस्पताल के एनआईसीयू (NICU) में भर्ती बच्ची का डॉक्टरों की देखरेख में सघन इलाज शुरू हुआ। डॉक्टरों के मुताबिक शुरुआत में बच्ची की स्थिति बेहद नाजुक थी, लेकिन अब दवाओं के असर से उसकी हालत स्थिर बनी हुई है और वह खतरे से बाहर है।
इस वारदात के बाद से रजपुरी गांव के लोग गहरे खौफ में हैं। ग्रामीणों ने घटना की सूचना वन विभाग को दे दी है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस हिंसक बंदर को जल्द से जल्द पकड़ा जाए ताकि गांव में फिर कोई बड़ा हादसा न हो।









