रायगढ़। न्यायालय में न्याय मित्र के साथ अभद्र व्यवहार और वाद विवाद करने वाले एसडीएम कार्यालय में कार्यरत क्लर्क और रायगढ़ जिला लिपिक संघ के पूर्व अध्यक्ष गोविंद प्रधान को जुडिशल रिमांड में जेल भेज दिया गया है। इसी बीच बुधवार की रात उनकी पहली पत्नी सिटी कोतवाली पहुंचकर अपने पति गोविंद प्रधान के खिलाफ धोखेबाजी से दूसरी महिला के साथ विवाह करने को लेकर उन पर FIR की मांग की है मगर उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा।
दूसरी पत्नी ने भी लगाया धोखे से शादी करने और शारीरिक शोषण का आरोप
पीड़ित महिला ने इसके संबंध में कोतवाली पुलिस को दूसरी विवाह के संबंध में दस्तावेज भी दिए। जिसमें आर्य समाज द्वारा जारी दूसरे विवाह का सर्टिफिकेट है। इसके अलावा पीड़ित महिला ने गोविंद प्रधान की दूसरी पत्नी की महिला आयोग से की जनवरी 2023 की शिकायत की सत्यापित प्रति भी कोतवाली पुलिस को उपलब्ध कराई। जिसमे गोविंद प्रधान की दूसरी पत्नी ने आरोप लगाया कि गोविंद प्रधान ने उसे धोखाघड़ी कर दिसंबर 2021 में रायपुर आर्य समाज में उससे शादी की। उस वक्त गोविंद प्रधान ने खुद को तलाकशुदा बताया था। करीब एक साल तक उसे अपने घर रायगढ़ ना लाकर रायपुर में ही रखा।
फरवरी 2022 में गोविंद प्रधान अपनी दूसरी पत्नी को रायगढ़ ले आया। गोविंद उसे अपने घर ना ले जाकर एक किराए के मकान में ले गया। तब उस पीड़ित महिला को पता चला कि वह गोविंद शादीशुदा भी है, उसके बच्चे भी हैं और उसका कोई तलाक नहीं हुआ। उसकी पत्नी आज भी उसके बच्चों के साथ उसके घर में रहती है।
पीड़ित महिला ने जब उसे घर ले जाने की जिद की। तब उसने नौकरी जाने का बहाना बात कर उसे अपने झांसे में ले लिया। पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत में अभी बताया कि कुछ दिनों बाद वह उसके साथ मारपीट भी करने लगा। उसने 14 महीने तक रायगढ़ में अलग-अलग जगह पर किराए के मकान में उसका शारीरिक शोषण किया है।
आखरी में जब उसे अपने साथ हुए धोखे का एहसास हुआ तब उसने अपने साथ धोखाघड़ी से किए हुए शादी और शारीरिक शोषण के खिलाफ महिला आयोग रायपुर में शिकायत की।
कोतवाली पुलिस ने दर्ज नहीं किया FIR, बोली जांच करूंगी
इसके अलावा गोविंद प्रधान के द्वारा परिवार न्यायालय में पत्नी के साथ चल भरण पोषण के मामले में उन्होंने कोर्ट के सामने का बोला है कि उन्होंने दूसरी शादी की है।
कोतवाली पुलिस इस मामले में सिर्फ महिला का बयान दर्ज कर, जांच करने के बाद ही FIR दर्ज करने की बात कह रही है।
कब तक होती रहेगी जांच..??
ये तीनो दावे को साबित करने के लिए काफी है कि गोविंद प्रधान ने दो महिलाओं को धोखे में रखकर दो-दो शादियां की है और उनका शारीरिक और मानसिक शोषण किया है।अमूमन महिला संबंधी मामलों में त्वरित कार्रवाई का दावा करने वाली रायगढ़ पुलिस का नजरिया इस मामले में कुछ और ही है।
इतने सारे सबूत होने के बावजूद रायगढ़ पुलिस द्वारा सिर्फ जांच की ही बात की जा रही है। आपको बता दें कि आरोपी तिगडमी होने के साथ-साथ काफी रसूख वाला है। कलेक्ट्रेट कार्यालय और कर्मचारियों के बीच इसकी काफी पैठ भी है। राजस्व न्यायालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ वकीलों द्वारा किए गए आंदोलन में इसने वकीलों को पिटने तक की धमकी दे दी थी।
ऐसे इस पीड़ित महिला को कहीं से इंसाफ मिलता नही दिख रहा है और इस बार भी जांच के नाम पर कितना समय लगेगा, इस बात की कोई गारंटी नहीं है।
एक बार और हुई थी शिकायत
पीड़ित महिला ने यह भी बताया कि दिसंबर 2021 में चक्रधर नगर थाने में भी उसने अपने पति गोविंद प्रधान के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने के लिए कई बार थाने गई थी। मगर उसे लौटा दिया जाता था। इसके बाद उसने रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से अपनी शिकायत पुलिस को प्रेषित की थी जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके पति उनके बैंक अकाउंट का अपने भ्रष्टाचार के पैसों के लिए उपयोग करते है। इस अकाउंट से वह क्रेडिट कार्ड का भी इस्तेमाल करते हैं। यह मामला भी जांच के नाम पर ठंडा बस्ते में है।










