मुंबई। फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर रविवार को हुई गोलीबारी के मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का असल निशाना बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान थे। बांद्रा स्थित सलमान खान के आवास पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की वजह से शूटर वहां हमला नहीं कर सके और उन्होंने बिना सुरक्षा वाले टाइगर श्रॉफ को “आसान टारगेट” बनाकर उन पर फायरिंग कर दी।
इस मामले में राजस्थान की कोटा पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा था, जिनमें से दो हरियाणा और एक बिहार का निवासी है। इन तीनों आरोपियों को बाद में मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया, जिसके बाद मंगलवार देर रात उन्हें मुंबई लाया गया। पुलिस हिरासत में आरोपियों से हुई पूछताछ में हमले की योजना को लेकर कई जानकारियां सामने आई हैं।
सलमान खान के घर की रेकी के बाद बदला गया प्लान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार शाम को टाइगर श्रॉफ पर गोली चलाने वाले दोनों शूटरों ने पहले बांद्रा (वेस्ट) के बैंडस्टैंड इलाके में सलमान खान के घर की रेकी की थी। वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने के कारण वे अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाए। इसके बाद गिरोह ने फौरन प्लान बदलते हुए किसी आसान टारगेट की तलाश शुरू की। चूंकि टाइगर श्रॉफ के पास कोई पुलिस सुरक्षा नहीं थी, इसलिए गिरोह ने उन्हें निशाना बनाने का फैसला किया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जब शूटरों ने हमले का आदेश देने वाले अमित पंडित को बताया कि सलमान खान को निशाना बनाना संभव नहीं है, तब गैंग को सोशल मीडिया पर प्रशंसकों के पोस्ट से जानकारी मिली कि अभिनेता हर रविवार को जुहू के पुष्पा नरसी ग्राउंड में फुटबॉल खेलने जाते हैं। पिस्तौल से लैस शूटरों ने ग्राउंड के बाहर टाइगर श्रॉफ पर नजर रखी और जैसे ही उनकी कार गेट से बाहर निकली, उन पर गोलियां चला दीं। इस हमले में अभिनेता बाल-बाल बच गए। मौके पर दो शूटरों के अलावा उनका एक साथी बाइक लेकर भागने के लिए इंतजार कर रहा था।
सोशल मीडिया पर ली हमले की जिम्मेदारी, फोन की जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई, जिसमें कथित तौर पर अनिल पंडित और हरमन संधू ने बिश्नोई गैंग की तरफ से इस हमले की जिम्मेदारी ली। पोस्ट में दावा किया गया कि बात न मानने पर सबक सिखाया गया है और मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में जो भी सलमान खान के साथ काम करेगा या उनकी बात नहीं मानेगा, अगला नंबर उसी का होगा।
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपियों द्वारा सलमान खान के घर की रेकी करने की बात सामने आई है, लेकिन इसके पीछे के पूरे मकसद की पड़ताल अभी की जा रही है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच करेगी, जिसके जरिए वे अपने हैंडलर्स को रेकी की तस्वीरें भेजा करते थे। गौरतलब है कि वर्ष 1998 में जोधपुर में हुए काले हिरण शिकार मामले के बाद से ही सलमान खान बिश्नोई गैंग के निशाने पर बने हुए हैं।









