रायपुर/रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार (10 मार्च) को विधानसभा स्थित उनके कक्ष में कैबिनेट की एक बेहद अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश की जनता, युवाओं और संपत्तियों की खरीदी-बिक्री करने वालों के लिए कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट ने धर्मांतरण रोकने, सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता लाने, नया चयन बोर्ड बनाने और जमीन की रजिस्ट्री को सस्ता करने वाले अहम विधेयकों (Bills) के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया है।
हाइलाइट्स:
- छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण (बल प्रयोग या लालच से) रोकने के लिए ‘धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026’ को मिली मंजूरी
- संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाला 12% अतिरिक्त उपकर (राजीव गांधी मितान क्लब टैक्स) किया गया समाप्त
- तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी भर्तियों के लिए बनेगा नया ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल’
- सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं में ‘पेपर लीक’ रोकने के लिए सख्त कानून के प्रारूप का अनुमोदन
- राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 13 दर्ज मुकदमों को न्यायालय से वापस लेने पर कैबिनेट ने लगाई मुहर
- राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को क्रिकेट अकादमी के लिए दी जाएगी 5 एकड़ राजगामी भूमि
आम जनता को राहत: खत्म हुआ ‘मितान क्लब’ टैक्स, अब सस्ती होगी रजिस्ट्री
कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा फैसला संपत्ति (जमीन-मकान) खरीदने वालों के लिए रहा। बैठक में ‘छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक 2026’ का अनुमोदन किया गया। पिछली सरकार ने 2023 में ‘राजीव गांधी मितान क्लब’ को फंड देने के लिए संपत्ति की रजिस्ट्री (स्टाम्प शुल्क) पर 12 प्रतिशत का अतिरिक्त उपकर (Cess) लगा दिया था। चूंकि अब यह योजना बंद हो चुकी है, इसलिए सरकार ने इस अतिरिक्त टैक्स को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया है। इससे अब प्रदेश में रजिस्ट्री कराना सस्ता हो जाएगा।
युवाओं के लिए डबल बोनान्ज़ा: नया चयन बोर्ड और ‘पेपर लीक’ पर सख्त कानून
प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए दो बड़े फैसले लिए गए हैं। अब राज्य शासन के विभिन्न विभागों में तकनीकी और गैर-तकनीकी ‘तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी’ (Class III & IV) की भर्तियों के लिए एक अलग ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल’ का गठन किया जाएगा।
इसके साथ ही, सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली और नकल रोकने के लिए सरकार ‘छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026’ ला रही है। इसका मकसद परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और नकल-विहीन (Anti-Paper Leak) बनाना है।
धर्मांतरण पर कसेगा शिकंजा, राजनीतिक केस होंगे वापस
साय कैबिनेट ने राज्य में ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026’ को भी मंजूरी दे दी है। इसके लागू होने के बाद प्रदेश में बल प्रयोग, लालच, धोखाधड़ी या अनुचित दबाव डालकर कराए जाने वाले धर्मांतरण पर पूरी तरह से रोक लगेगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
इसके अलावा, विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों के कारण दर्ज हुए 13 मुकदमों को कोर्ट से वापस लेने की मंजूरी भी दे दी गई है।
कैबिनेट के अन्य अहम फैसले:
- सौर ऊर्जा को बढ़ावा: क्रेडा द्वारा सोलर हाईमास्ट और घरेलू बायोगैस संयंत्रों के लिए अनुदान की नई दरें निर्धारित की गई हैं।
- कानूनों में संशोधन: छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026, गृह निर्माण मंडल अधिनियम 1972 (संशोधन) विधेयक, और भू-राजस्व संहिता 1959 की विभिन्न धाराओं में संशोधन को भी हरी झंडी दी गई है।
- खेल को बढ़ावा: राजनांदगांव में अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी और खेल मैदान के निर्माण के लिए जिला क्रिकेट एसोसिएशन को 5 एकड़ राजगामी संपदा की भूमि आवंटित की जाएगी।



